पहली बार सतना में पहुंचे प्रभारी मंत्री कदम रखते ही भड़क उठे, बिना स्वागत के ही स्टेशन से निकले

डेढ़ वर्ष बाद सतना को मिले प्रभारी मंत्री कुंवर विजय शाह सतना की धरती पर कदम रखते ही भड़क उठे। दरअसल रेलवे स्टेशन में स्वागत करने और उन्हें लेने ना तो कोई अधिकारी पहुंचा था और ना ही पार्टी पदाधिकारी। यह देखकर प्रभारी मंत्री का गुस्सा भड़का तो उनकी जुबान भी फिसल गई। गुस्से-गुस्से में मंत्री बोल गए कि उनके सामने कलेक्टर-एसपी बनने के लिए अधिकारी पैसे लिए खड़े रहते हैं। शुक्रवार को नव नियुक्त प्रभारी मंत्री कुंवर विजय शाह सतना पहुंचे तो रेलवे स्टेशन पर उतरते ही उनका पारा गरम हो गया। मंत्री ट्रेन से उतरे तो वहां उन्हें अधिकारी तथा भाजपाई कहीं नजर नही आए। पहली बार नगर आगमन पर जबरदस्त स्वागत की अपेक्षा के मुकाबले अफसरों-नेताओं की गैरमौजूदगी ने प्रभारी मंत्री का गुस्सा भड़का दिया। नाराज प्रभारी मंत्री ने कहा, कलेक्टर-एसपी दोनों मानसिक दिवालिया है। उन्हें अस्पताल बुलाओ, उनका इलाज वहीं करूंगा, मैं सर्जन भी हूं। मंत्री यहीं नही रुके, उनकी जुबान और फिसली तो आवेश में वे यह भी कह गए कि कलेक्टर-एसपी बनने के लिए अधिकारी उनके सामने रुपये लेकर खड़े रहते हैं।

पूर्व नेता प्रतिपक्ष राहुल भैया पर साधा निशाना-

शाह के निशाने पर पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह राहुल भी रहे। स्टेशन पर मौजूद रहे कुछ अन्य कार्यकर्ताओं से उन्होंने पूछा क्या, यहां सब राहुल के लोग हैं। सतना में राहुल का बंगला भी हैं क्या। प्रभारी मंत्री इतना कहते हुए गाड़ी में बैठे और स्टेशन से सीधे सर्किट हाउस आ गए। जब तक लोगों को पता चला कि मंत्री जी स्टेशन से बाहर निकल चुके हैं, मंत्री सर्किट हाउस पहुंच गए थे। हालांकि बाद में उन्होंने कलेक्टर-एसपी के साथ सर्किट हाउस में लंबी चर्चा भी की।

अधिकारियों और नेताओं से हो गई चूक-

दरअसल प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि प्रभारी मंत्री को रिसीव करने स्टेशन पर अपर कलेक्टर, एएसपी, सीएसपी समेत कई अधिकारी और डीसीसीबी के पूर्व अध्यक्ष रत्नाकर चतुर्वेदी शिवा के साथ कई भाजपा कार्यकर्ता मौजूद थे। सभी को उम्मीद थी कि प्रभारी मंत्री प्रथम श्रेणी की बोगी से निकलेंगे। लिहाजा ट्रेन रुकने पर सभी प्रथम श्रेणी की बोगी तलाशते रहे। लेकिन इसी बीच प्रभारी मंत्री तृतीय श्रेणी वातानुकूलित कोच से निकले और आगे बढ़ गए। ऐसे में स्वाभाविक तौर पर उन्हें अपनी बोगी के सामने कोई अफसर और नेता नजर नहीं आया, जिसके कारण उनका गुस्सा भड़क गया।

पहले चार्टर प्लेन से आना था-

बताया कि प्रभारी मंत्री कुंवर विजय शाह को पहले चार्टर प्लेन से आना था, लेकिन प्लेन नहीं मिला। बाद में उनकी यात्रा ट्रेन से होने की जानकारी आई। ट्रेन में उनका टिकट प्रथम श्रेणी में होगा, इसका अनुमान था। लेकिन ऐन वक्त पर उन्हें थर्ड एसी में यात्रा करनी पड़ी। उनका स्टाफ भी अलग ट्रेन से सतना पहुंचा था, इसलिए वो भी सतना प्रशासन को मंत्री की सही लोकेशन नही दे पाया।

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