टोक्यो पैरालंपिक्स में अवनि ने रचा इतिहास, गोल्ड जीतने वाली पहली महिला बनी, जानें उनके सफलता की कहानी

टोक्यो पैरालंपिक्स में भारत की शूटर अवनि लखारा ने इतिहास रच दिया है. उन्होंने 10 मीटर एयर राइफल शूटिंग में गोल्ड मेडल पर अपना कब्जा जमाया है. गोल्ड मेडल जीतने के साथ-साथ अवनि ने पैरालिंपिक का 249.6 का रिकार्ड भी बना दिया. अवनि के इस उपलब्धि के बात खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनसे फोन पर बात की और उन्हें इस उपलब्धि के लिए बधाई दिया.

पिता के हौसले से बनी चैंपियन

पैरालिंपिक में शूटिंग में गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रचने वाली अवनि का जीवन काफी उतार चढ़ाव भरा रहा. साल 2012 में अवनि की 10 साल के उम्र में एक बड़ी कार दुर्घटना का शिकार हुई. इस कार दुर्घटना में उनके रीढ़ के हड्डी में चोट लगी. इलाज के बाद अवनी को व्हील चेयर का सहारा लेना पड़ा. इस कठिन वक्त में अवनि के पिता ने उनका हौसला कम नहीं होने दिया और साल 2015 में उन्होंने अवनि को शूटिंग और तीरंदाजी रेंज लेकर आए.

अवनि ने दोनों खेलों में हाथ आजमाया पर उन्हें शूटिंग ज्यादा पसंद आया. अवनि की जिंदगी बदलने में ओलंपकि गोल्ड मेडल जीतने वाले अभिनव बिंद्रा की भी अहम भूमिका रही. दरअसल अवनि ने अभिनव बिंद्रा की आत्मकथा आ शॉट एट हिस्ट्री पढ़ी जिसके बाद उनकी जिंदगी बदल गई और उन्होंने शूटिंग में आगे बढ़ने का फैसला किया.

प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति ने दी अवनि को बधाई

अवनि लखारा के पैरालिंपिक में गोल्ड जीतकर इतिहास रचने के बाद देश के महामहिम राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने बधाई दी. उन्होंने ट्वीट कर बधाई देते हुए कहा कि एक और बेटी ने भारत को गौरवान्वित किया. पैरालिंपिक्स में भारत की पहली महिला अवनि लखारा जिन्होंने गोल्ड जीता उन्हें शुभकामनाएं. आपके परिश्रण के वजह से ही पोडियम पर आज हमारा तिरंगा सबसे ऊपर लहराया है.

 

वहीं, प्रधानमंत्री मोदी ने अवनि को बधाई देते हुए ट्वीट किया कि  अभूतपूर्व प्रदर्शन अवनि लेखरा. यह आपके मेहनती स्वभाव और शूटिंग के प्रति जुनून के कारण संभव हुआ. आपको स्वर्ण जीतने के लिए बधाई. यह वास्तव में भारतीय खेलों के लिए एक विशेष क्षण है. आपको भविष्य के प्रयासों के लिए शुभकामनाएं

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