विंध्य के दो जिलों रीवा-सतना में बढ़ रही नशा की प्रवृत्ति, पूरे देश में प्रतिबंधित गांजे का बडा नेटवर्क हुआ तैयार

एक दशक से जहां विंध्य के दो जिले क्रमशः रीवा व सतना उड़ाता पंजाब के तर्ज पर चल पड़े है। वह बढ़ते हुई नशे की प्रवृत्ति को रोकने केंद्र सरकार ने भी मुहिम शुरू कर दिया है। केंद्र सरकार द्वारा गत वर्ष कराए गए सर्वे में देश के कुल 739 जिलों में से 272 जिलों को चिन्हित कर उन जिलों में नशा मुक्ति अभियान चलाए जाने का निर्णय लिया गया था। उक्त बैठक नई दिल्ली आयोजित की गई थी। बता दें कि इन 272 जिलों में विंध्य के 2 जिले क्रमशः रीवा सतना भी शामिल किया गया था। जहां पर यह अभियान शुरू किया गया है। सर्वे में की गई समीक्षा के दौरान यह बातें उभर कर सामने आई हैं की रीवा, सतना में गांजा व नशीली कफ सिरप एवं नशीली दबाएं प्रचुर मात्रा में युवाओं द्वारा प्रयोग में लाई जाती हैं।

कीमत कम होना बड़ा कारण

नशा मुक्ति अभियान से जुडे प्रोफेसर डा. आरएन तिवारी बताते हैं कि नशीली कफ सिरप एवं गांजा नसे के लिए रीवा सतना में ज्यादा इस्तेमाल किया जाता है। उसके पीछे दो कारण हैं। पहला शराब के अपेक्षाकृत गांजा व नशीली कब सिरप दोनों ही सस्ती है दूसरा नशीली कफ सिरप का नशा करने वाले युवाओं को इस बात का भरोसा होता है कि नशा करने के बाद उन्हें महक से सहज नहीं पकडा जा सकता है साथ ही बाहरी तौर पर दांत खराब होने या की अन्य चिन्हित लक्षण भी दिखाई नहीं देते हैं और दोनों ही नशे की सामग्री सहायता से एवं सस्ती कीमत पर उपलब्ध हो जाते हैं।

गांजा का बड़ा जाल

रीवा-सतना में पूरे देश में प्रतिबंधित गांजे का बडा नेटवर्क तैयार हो गया है। उडीसा से लेकर रीवा सतना तक प्रतिबंधित परिवहन व बिक्री बेखौफ की जाती है। बता दें कि रीवा सतना में प्रतिबंधित गांजे की बिक्री करने वाले लोग गांजा शौकीनों को चिलम तक उपलब्ध कराते है।

कार्रवाई के बाद भी राहत नही

आइजी रीवा उमेश जोगा ने जानकारी देते हुए बताया कि लगातार 2 वर्षों में रीवा जिले में अब तक कुल 110 क्विटल गांजा जप्त किया है जबकि सतना में 95 क्विंटल गांजा जप्त किया जा चुका है। इसी तरह रीवा सतना में मिलाकर तकरीबन 1745 लोगों को नशीली कफ सिरप के कारोबार करने के आरोप पर मामला दर्ज कर उन्हें जेल भेजा जा चुका है बावजूद इसके अभी भी प्रतिबंधित गांजा व नशीली कफ सिरप का कारोबार चल रहा है। अभियान चलाकर कार्रवाई की जा रही है।

रीवा पुलिस कप्तान आरके सिंह द्वारा साफ तौर पर थाना प्रभारी को निर्देशित किया जा चुका है कि अगर उनके थाना क्षेत्र अंतर्गत प्रतिबंधित गांजा नशीली कफ सिरप का कारोबार होता पाया गया तो उनके विरुद्ध भी कार्रवाई तय की जाएगी। इतना ही नहीं उन्होंने अपना व्हाट्सएप नंबर जारी कर सूचना कर्ताओं को सीधे उस नंबर पर सूचना देने के लिए भी अपील की गई है। उन्होंने आदेश जारी कर साफ कहा है कि उनके द्वारा निलंबन या लाइन अटैच की कार्रवाई नहीं की जाएगी। अगर किसी भी पुलिसकर्मी की संलिप्तता नशे के कारोबार में पाई गई तो सीधे उनके विरुद्ध चार्जशीट लगाकर उन्हें बर्खास्त करने की कार्रवाई की जाएगी।

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