कत्ल कराने के लिए पहले की शादी और फिर अपने पति को ही बनाया किराए का कातिल, बदला लेने के लिए कत्ल की ऐसी रची साजिश कि राज जानकर हैरान रह गई पुलिस, पढ़िए पूरी खबर

कई बार कत्ल करने के लिए लोग किराए के कातिल तलाश करते हैं. लेकिन शायद ही आपने कभी सुना या पढ़ा हो कि कत्ल कराने के लिए किसी ने पहले शादी की हो और फिर अपने पति को ही किराए का कातिल बना दिया हो. सुनने में ये बात अजीब ज़रूर लगती है. लेकिन मुंबई में ऐसा ही मामला सामने आया है.

जहां एक महिला ने किसी से बदला लेने के लिए एक साजिश रची. फिर साजिश के चलते ही कत्ल के लिए शादी कर ली. शादी के बाद अपने पति पर कत्ल करने का दबाव बनाया. उसे पैसा देने की बात भी कही. इस पूरे मामले में हैरान करने वाली बात ये है कि कत्ल कराने वाली एक पुलिसवाली है और जिसका कत्ल किया गया वो भी एक पुलिसवाला था. जब इस साजिश का खुलासा हुआ तो हर कोई दंग रह गया.

15 अगस्त 2021, रात 10.30 बजे, कुर्ला, मुंबई 

मुंबई पुलिस में हेड कांस्टेबल शिवाजी सानप अपनी ड्यूटी ख़त्म कर वापस पुणे अपने घर जा रहा था. शिवाजी मुंबई पुलिस के नेहरू नगर थाने मे पोस्टेड था. ड्यूटी के लिए वो रोज़ाना पुणे से मुंबई आया करता था. और फिर ड्यूटी ख़त्म होने के बाद पुणे लौट जाता था.

पुणे से वो बस से पनवेल तक आता. फिर पनवेल से दूसरी बस पकड़ कर वो कुर्ला पहुंचता. कुर्ला से लोकल ट्रेन के ज़रिए वो नेहरु नगर थाने पहुंचता. तय रुटीन के मुताबिक 15 अगस्त की रात भी कुर्ला स्टेशन से उतरने के बाद पनवेल के लिए बस पकड़ने वो सड़क से गुज़र रहा था. ठीक इसी जगह से.

मगर तभी एक तेज़ रफ्तार नैनो कार शिवाजी को सड़क किनारे ज़ोर का टक्कर मार कर आगे निकल जाती है. शिवाजी गंभीर रूप से घायल हो जाता है. बाद में पुलिस घायल शिवाजी को अस्पताल ले जाती है, जहां वो दम तोड़ देता है. 

पत्नी ने जताया हत्या का शक

मामला बिल्कुल सीधा-साधा सड़क हादसे का था. शक की कोई गुंजाइश नहीं थी. लिहाज़ा पुलिस रोड एक्सीडेंट का केस ही दर्ज किया. हादसे की खबर पुणे में शिवाजी के घरवालों को भी लग जाती है. परिवार मुंबई पहुंचता है. लेकिन इसके बाद शिवाजी की पत्नी और उसका साला ये शक जताते हैं कि ये मामला सड़क हादसे का नहीं, बल्कि क़त्ल का है.

चूंकि मौत एक पुलिसवाले की हुई थी, लिहाज़ा पुलिस शिवाजी की पत्नी की शिकायत दर्ज कर उन्हें जांच का भरोसा देती है. लेकिन खुद पुलिस को अब तक यही लग रहा था कि ये मामला सीधे-सीधे रोड एक्सीडेंट का है.

पर तभी कहानी में पहला ट्विस्ट आता है. जिस जगह शिवाजी का एक्सीडेंट हुआ था, उस जगह से कुछ ही किलोमीटर दूर एक नैनो कार जली हालत में लावारिस मिलती है. अब तक पुलिस को भी पता नहीं था कि शिवाजी का एक्सीडेंट किस कार से हुआ है. पत्नी की शिकायत पुलिस के पास पहले से ही थी. लिहाज़ा अब पुलिस मौत की जांच करने का फैसला करती है.

सीसीटीवी कैमरे की फुटेज ने किया खुलासा

जिस जगह ये हादसा हुआ था, पुलिस उसके आस-पास लगे तमाम सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालना शुरू करती है. पुलिस को शिवाजी का रुटीन भी पता था. ये भी पता था कि वो पुणे से नेहरु नगर पुलिस स्टेशन रोज़ाना कैसे आते और जाते थे.

लिहाज़ा पुलिस ने नेहरु नगर पुलिस स्टेशन से लेकर कुर्ला स्टेशन के बाहर तक के भी सीसीटीवी खंगालने का फैसला किया. पुलिस ने अलग-अलग जगहों के क़रीब ढाई सौ सीसीटीवी कैमरों को खंगाल डाला. तफ्तीश रंग लाई. पंद्रह अगस्त की रात शिवाजी कुर्ला रेलवे स्टेशन से बाहर निकलते हुए एक कैमरे में क़ैद हो गए.

इसके बाद पनवेल के बस पकड़ने सड़क पर पैदल चलते एक और सीसीटीवी कैमरे में भी उनकी तस्वीर क़ैद हो गई. आगे की कड़ियों को जोड़ने के लिए पुलिस ने अब सड़क को कवर करनेवाले सीसीटीवी कैमरे को खंगालना शुरू किया.

तो एक कैमरे में वो मंज़र भी क़ैद मिला, जिसमें शिवाजी को एक तेज़ रफ्तार नैनो कार कुचलते हुए बड़ी तेज़ी से आगे निकल गई. कैमरे की नज़र से पता चला कि नैनो में दो लोग सवार थे. पुलिस ने उनकी तस्वीरें डेवलप कीं. चेहरा पहचानने लायक बनाया. अब पुलिस के सामने नैनो में सवार दो लोगों का चेहरा भी था. 

सामने आई नई कहानी

इधर, तफ्तीश के दौरान पुलिस को एक और कहानी पता चली. कहानी के मुताबिक 2019 में शीतल पनसारे नाम की एक कांस्टेबल ने शिवाजी के खिलाफ दो अलग-अलग पुलिस स्टेशन में दो रिपोर्ट लिखाई थी. ये दोनों रिपोर्ट छेड़खानी और यौन शोषण की थी.

ये नई कहानी सामने आने के बाद अब पुलिस ने 2019 में झांकने का फैसला किया. तब एक नई कहानी सुनने को मिली. दरअसल, 2019 तक शिवाजी और शीतल पनसारे मुंबई के नेहरु नगर पुलिस स्टेशन में एक साथ काम करते थे. शिवाजी हेड कांस्टेबल था और शीतल कांस्टेबल. दोनों के बीच में गहरे रिश्ते थे. लेकिन फिर अचानक रिश्तों में कड़वाहट आ गई.

दोनों के बीच झगड़े होने लगे. और इसी झगड़े के बाद 2019 में दो अलग-अलग थानों में शीतल ने शिवाजी के खिलाफ़ रिपोर्ट लिखा दी. ये बात शिवाजी के पत्नी और साले को भी पता थी. यही वजह है कि उन दोनों ने ये शक जताया था कि शिवाजी की मौत सड़क हादसे में नहीं हुई. बल्कि ये क़त्ल है. और इस क़त्ल के लिए उन्होंने सीधे सीधे शीतल पर उंगली उठाई थी.

साजिश के तहत शादी

अब पुलिस के रडार पर पहली बार शीतल थी. लेकिन सिर्फ़ रडार पर थी. सबूत कुछ नहीं था. अब पुलिस ने बड़ी खामोशी से शीतल के बारे में जानकारी इकट्ठा करनी शुरू कर दी. पुलिस ने शीतल के मोबाइल और सोशल मीडिया में भी झांकना शुरू कर दिया. कोशिश रंग लाई.

शीतल के इंस्टग्राम पर उसे एक चेहरा और एक पोस्ट नज़र आया. उसका नाम धनराज जाधव था. एक बस ड्राइवर. इंस्टाग्राम पर शीतल ने उससे दोस्ती की और दोस्ती के सिर्फ़ पांच दिन बाद ही उससे शादी कर ली. ये बात 2019 के आखिर की है.

धनराज तमिलनाडु का रहनेवाला था. शादी के सिर्फ़ एक हफ्ते बाद शीतल ने धनराज को शिवाजी की कहानी सुनाई. और कहा कि वो उससे बदला लेना चाहती है. तुम एक ड्राइवर हो. अगर उसकी मौत सड़क हादसे में हो जाए, तो तुम पर कोई शक भी नहीं करेगा.

मगर धनराज इस क़त्ल के लिए तैयार नहीं था. शीतल लगातार उस पर दबाव बना रही थी. इस दबाव से आजिज आकर एक रोज धनराज शीतल को छोड़ कर तमिलनाडु भाग गया. क्योंकि उसे डर था कि वो मुंबई में रहा तो पुलिसवाले होने के नाते शीतल उसे किसी भी केस में फंसा कर अंदर करवा सकती है.

शादी की साजिश नाकाम

शीतल का पहला दांव खाली चला गया. जिस मकसद से उसने धनराज से शादी की थी. वो मकसद अधूरा रह गया. पर वो किसी भी क़ीमत पर शिवाजी से बदला लेना चाहती थी. लिहाज़ा अब उसने नए सिरे से नई कोशिश शुरू कर दी.

शिवाजी के क़त्ल के लिए अब उसने दूसरा मोहरा चुना. जिस सोसायटी में शीतल रहती थी, उस सोसायटी के सिक्योरिटी गार्ड का एक बेटा है. 18 साल का विशाल जाधव. शीतल ने अब जाधव को अपने जाल में फंसाया. फिर एक रोज़ मौक़ा देख कर उसने उसे शिवाजी के बारे में सबकुछ बता दिया. विशाल शिवाजी को मारने के लिए तैयार हो गया.

इसके लिए उसने अपने एक साथी 21 साल के गणेश चव्हान को चुना. गणेश तेलंगाना से रोज़ी रोटी की तलाश में मुंबई आया था. शीतल ने विशाल और गणेश को शिवाजी को ठिकाने लगाने के लिए 70 हज़ार रुपये भी दिए. 

कत्ल के लिए नैनो का इस्तेमाल

विशाल और गणेश ने सबसे पहले शिवाजी का पीछा करना शुरू किया. उसके रुटीन को जाना. मुंबई से पुणे आने-जाने के लिए वो कब कहां से बस या ट्रेन पकड़ता है, ये सबकुछ नोट किया. इसके बाद उन्होंने तय किया कि वो कुर्ला से पनवेल के बीच ही शिवाजी को रास्ते से हटाएंगे. चूंकि कुर्ला ट्रेन से उतरने के बाद शिवाजी पनवेल के लिए बस पकड़ता था और बस पकड़ने के लिए वो बस स्टॉप तक पैदल जाता था.

ऊपर से तब रात का वक़्त होता था. सड़क पर उतनी भीड़ भी नहीं होती. लिहाज़ा मौका-ए-वारदात को चुनने के बाद अब दोनों ने एक कार की तलाश शुरू की. पैसे ज़्यादा नहीं थे. इसीलिए अपने ज़माने की लखटकिया कार यानी नैनो का इंतज़ाम किया. सेकंड हैंड नैनो सस्ती मिल गई थी. फिर 15 अगस्त की रात इस साज़िश को अंजाम देने के लिए चुना. साज़िश के तहत ठीक उसी जगह शिवाजी को टक्कर मारी गई. कोई सबूत या सुराग़ छूट ना जाए, इसलिए हादसे के बाद दोनों ने नैनो कार को कुछ किलोमीटर दूर ले जा कर आग के हवाले कर दिया. कार पूरी तरह से जल गई.

शीतल के पति ने की कातिल की पहचान 

शुरू में पुलिस को यही लगा कि शीतल ने शिवाजी का क़त्ल करने के लिए अपने पति धनराज जाधव का इस्तेमाल किया है. इसलिए पुलिस की एक टीम तमिलनाडु से उसे पकड़ कर ले भी आई. लेकिन कैमरे में क़ैद दोनों तस्वीरों से उसका चेहरा नहीं मिल रहा था. अब वही चेहरा पुलिस ने धनराज जाधव को दिखाया. धनराज इनमें से विशाल को पहचान गया. क्योंकि विशाल उसी सोसायटी के सिक्योरिटी गार्ड का बेटा था. जिस सोसायटी में ना सिर्फ़ शीतल रहती थी, बल्कि वो खुद भी शीतल के पति के तौर पर वहां रह चुका था. 

तीनों आरोपी गिरफ्तार
अब सबूत गवाह सबकुछ सामने था. लिहाज़ा, पुलिस ने अब तय किया कि अब वो वक़्त आ गया है, जब अपने ही महकमे की सिपाही शीतल को गिरफ्तार किया जाए. पुलिस ने ऐसा ही किया. उसे गिरफ्तार कर लिया गया. उसके साथ ही कत्ल की वारदात को अंजाम तक पहुंचाने वाले उसके दोनों साथियों को भी पुलिस ने पकड़ लिया. अब शीतल, विशाल और गणेश तीनों पुलिस की हिरासत में हैं. पूरी कहानी जानने के बाद खुद पुलिस हैरान है कि एक पुलिसवाली ने एक पुलिसवाले से बदला लेने के लिए कैसी-कैसी साज़िश रची. और तो और क़त्ल के लिए शादी तक कर डाली.

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