भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा अपने एक बयान की वजह से विवादों में घिरे , उन्होंने अकबर और जोधाबाई की प्रेम कहानी पर बयान देते हुए कहा था कि ‘जोधाबाई से रिश्ता किसने किया? कोई आई लव यू नहीं था, मोहब्बत थी? कभी साथ पढ़े थे? कॉफी हाउस में मिले थे या जिम में? , कांग्रेस ने उनपर जमकर हमला बोला और इसे राजपूत समाज का अपमान बताया , विधायक ने मांगी माफी

भाजपा विधायक और मध्यप्रदेश विधानसभा के पूर्व प्रोटेम स्पीकर रामेश्वर शर्मा अपने एक बयान की वजह से विवादों में घिर गए हैं. विवाद बढ़ने के बाद उन्हें अपने बयान के लिए राजपूत समाज से माफी तक मांगना पड़ी.

दरअसल, रविवार को सागर में ‘हिंदुत्व धर्म संवाद’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया था. इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में कपिल मिश्रा और रामेश्वर शर्मा मौजूद थे. इसी दौरान भाषण देते समय, उन्होंने अकबर और जोधाबाई की प्रेम कहानी पर बयान देते हुए कहा था कि ‘जोधाबाई से रिश्ता किसने किया? कोई आई लव यू नहीं था, मोहब्बत थी? कभी साथ पढ़े थे? कॉफी हाउस में मिले थे या जिम में? जब लोग सत्ता के लोभी हो जाएं और सत्ता को चाहने के लिए बेटी को दांव पर लगा दें ऐसे लुटेरों से भी सावधान रहने की ज़रूरत है. जो तुम्हारे हैं, लेकिन धर्म को धोखा दे सकते हैं’.

रामेश्वर शर्मा का यह बयान सोमवार शाम को सोशल मीडिया में जमकर वायरल हुआ जिसके बाद कांग्रेस ने उनपर जमकर हमला बोला और इसे राजपूत समाज का अपमान बताते हुए लिखा कि बीजेपी विधायक महिलाओं और राजपूत समाज के बारे में इतनी छोटी राय रखते हैं.

बयान वायरल होने के बाद विधायक ने मांगी माफी

बयान का वीडियो वायरल होने के बाद रामेश्वर शर्मा ने सोमवार देर शाम सफाई दी और राजपूत समाज से माफी मांगते हुए कहा कि ‘मैं चालाक मुगलों की फूट-नीति का वर्णन कर रहा था. राजपूत समाज को ठेस पहुंचाना मेरा मकसद नहीं था. हिंदुत्व के रक्षक राजपूतों से क्षमा चाहता हूं’.

उन्होंने बयान जारी करते हुए कहा कि ‘राजपूत समाज शुरू से हिंदुत्व का रक्षक रहा है. आदि काल से आज तक क्षत्रिय वीरों की गाथाएं देश को गौरवान्वित करती रही हैं. मैं रामेश्वर शर्मा सदैव हिंदुत्व के रक्षक महाराणा प्रताप और पृथ्वीराज चौहान की वीर गाथाओं का गौरव गान करता रहा हूं. इतिहास में भले ही अकबर को महान बताया गया हो लेकिन मेरे लिए अकबर नहीं बल्कि महाराणा प्रताप महान हैं.

सागर में आयोजित हिंदुत्व धर्म संवाद कार्यक्रम में अकबर एवं जोधा बाई के प्रसंग के वर्णन का उद्देश्य मुगलों की चालाकी और फूट-नीति का उल्लेख करना था. महाराणा प्रताप, वीर शिवाजी और पृथ्वीराज चौहान से प्रेरणा पाकर हिंदुत्व के लिए लड़ने वाला रामेश्वर शर्मा कभी राजपूत समाज पर उंगली उठा ही नहीं सकता. लेकिन फिर भी मेरे किसी शब्द से मेरे किसी भी राजपूत हिंदू भाई को किंचित मात्र भी ठेस पहुंची हो तो आपका भाई रामेश्वर शर्मा 100 बार आपके सामने झुकने को तैयार है और आपसे इसके लिए क्षमा चाहता है’.

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